तुम्हें पाकर ही ज़िंदगी का मतलब समझा था।
सांसें रुके तो भी तुम्हारा ही दीदार हो
तुम खुद ही सोचो तुम्हारे जैसा कोई है क्या…!
हम फ़क़ीर हैं, हमें किससे कोई फ़र्क नहीं,
ज़िंदगी की राहों में हम साथ नहीं रहेंगे,
तुम्हारी आँखों में जो गहराई है, उसमें डूब कर खो जाना चाहता हूँ,
तुमसे मिलने के बाद, कहीं और जाने का दिल नहीं करता है।
तुम्हारे बाद, प्यार, जिस्म, सुकून, नींद, दौलत, कुछ भी नही चाहिए…!
दूरियाँ बढ़ी तो ग़लतफ़हमियाँ भी बढ़ गईं,
तेरे चेहरे की मुस्कान में कुछ ख़ास बात है,
लेकिन मैं तुम्हें देखकर चला जाऊँगा — तुम देख लेना।
ऐसा बिल्कुल संभव है, लेकिन सभी को शायरियां पसंद नही होती इसलिए आपको शायरी के साथ साथ अपने प्रेमी को पसंद आने वाली उन बातो पर गौर करनी चाहिए जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है, अगर आप उनकी पसंद का कुछ करते है तो उन्हें बड़ी खुशी होगी.
बस तेरे प्यार के रंग में ढलना चाहता हूँ।
दुनिया की सारी Love Shayari खुशियाँ मेरे नसीब में होती हैं।